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तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल में मरीजों के परिजनों को किया जागरूक

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बीकानेर, 30 मई। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को पीबीएम स्थित आचार्य तुलसी कैंसर उपचार एवं अनुसन्धान केंद्र में उपचाराधीन कैंसर मरीजों के परिजनों को तम्बाकू से होने वाले हानिकारक परिणामों की जानकारी दी गई।
आचार्य तुलसी कैंसर उपचार एवं अनुसन्धान केंद्र के निदेशक डॉ. एच.एस.कुमार ने बताया कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2024 का विषय ‘बच्चों को तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बचाना’ है। थीम भावी पीढ़ी की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर देती है और तंबाकू का उपयोग नहीं करने के प्रति जागरूक करती है।
रेडियोथेरेपी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीति शर्मा ने बताया कि तम्बाकू सेवन गम्भीर समस्या है। इससे हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है। तम्बाकू के कारण कैन्सर के साथ साथ दिल की गम्भीर बीमारियां व अन्य स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं होती हैं।
कैंसर विभाग के आचार्य डॉ. सुरेन्द्र बेनीवाल ने बताया कि यदि धूम्रपान करने वाले अपने स्वास्थ्य के साथ आस-पास के लोगों के स्वास्थ्य प्रभावित करते हैं, जिसे पेसिव स्मोकिंग कहते हैं।
कैंसर अस्पताल के आचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड ने विभिन्न स्वास्थ संगठनों के मैसेज साझा किए। उन्होंने कहा कि तम्बाकू किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह पुरूषों में होने वाले कैन्सर का प्रमुख कारण है।
निदेशक डॉ. एच एस कुमार ने तम्बाकू छोडने तथा कैन्सर के प्रारंभिक लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेने का सुझाव दिया। इस दौरान संस्थान द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर कैंसर एवं तम्बाकू संबधित पोस्टर लगवाये गये।

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