पाकिस्तान में 6 साल की लड़की का कातिल कमांडो निकला:मलाला के शहर में स्कूल वैन पर फायरिंग, फैमिली को इंसाफ की उम्मीद नहीं

तस्वीर 6 साल की आयशा की है। इसकी हमले में मौत हो गई थी।
पाकिस्तान के स्वात इलाके में स्कूल वैन पर फायरिंग करने वाला स्पेशल फोर्स का कमांडो था। पिछले हफ्ते हुई इस घटना के बारे में नई डीटेल्स सामने आई हैं। फायरिंग में 6 साल की आयशा खान की मौत हो गई थी। 7 दूसरी बच्चियां घायल हैं।
लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने मामले को दबान की काफी कोशिश की। स्वात वही क्षेत्र है, जहां 9 अक्टूबर 2012 को नोबेल पीस प्राइज विनर मलाला यूसुफजई पर तालिबान ने जानलेवा हमला किया था। हालांकि, पिछले हफ्ते जो घटना हुई, उसे पुलिसी आतंकी हमला बताने से बच रही है। ये इसलिए भी हैरान करने वाला है, क्योंकि फायरिंग करने वाले कमांडो आलम खान के कट्टरपंथी संगठन से जुड़े होने के आरोप हैं।

आयशा की स्कूल वैन पर हमला करने वाला आलम खान स्पेशल कमांडो फोर्स में था।
पहले घटना के बारे में जानिए
- स्वात खैबर पख्तूनख्वा (KP) राज्य का हिल स्टेशन एरिया है। यहां 10 साल तक इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की सरकार रही है। इसी सरकार ने तालिबान के सैकड़ों आतंकियों को रिहा किया था।
- पिछले हफ्ते 6 से 9 साल की स्कूल स्टूडेंट्स को ले जा रही एक वैन को रोका गया। इस पर फायरिंग की गई। घटना में 6 साल की आयशा खान की मौत हो गई। 7 और लड़कियों को गोलियां लगीं। ये सभी हॉस्पिटल में एडमिट हैं। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने कई दिनों तक घटना को दबाए रखा।
- ‘आज टीवी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक- पुलिस ने चंद घंटे बाद ही हमला करने वाले आलम खान को गिरफ्तार कर लिया था। वो पुलिस का स्पेशल कमांडो है। कुछ खबरों में कहा गया है कि आलम कट्टरपंथी संगठनों से जुड़ा है।
- एक रिपोर्ट के मुताबिक- घटना वाले दिन आलम की पिता से बहस हुई थी। इसके बाद वो सर्विस रायफल लेकर घर से निकला था। दावा किया जा रहा है कि वो कई दिन से ड्यूटी पर भी नहीं गया था।

स्कूली वैन पर हमले में इस बच्ची की पीठ में भी दो गोलियां लगी हैं।
पुलिस ने कहा- आतंकी हमला नहीं
11 साल पहले यह खूबसूरत हिल स्टेशन मलाला यूसुफजई पर हमले की वजह से काफी बदनाम हुआ था। यही वजह है कि पहले तो पिछले हफ्ते की इस घटना को दबाने की कोशिश हुई। अब जबकि मीडिया इसे रिपोर्ट करने लगा तो पुलिस नई थ्योरी पेश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक- हमलावर आलम मेंटली डिस्टर्ब था। उसका पिता से झगड़ा हुआ। इसके बाद उसने फायरिंग की। हालांकि, पुलिस ये बताने में नाकाम रही है कि अगर वो मेंटली डिस्टर्ब था तो उसने फायरिंग के लिए बच्चियों की स्कूली वैन को ही क्यों चुना। वो कहीं और भी फायरिंग कर सकता था, क्योंकि घटना सुबह 11 बजे करीब हुई। इस वक्त बाजार में काफी चहलपहल थी।

हमलावर की यह तस्वीर पाकिस्तानी मीडिया के जरिए सामने आई हैं।
फैमिली बोली- ये मामला भी दबा दिया जाएगा
- मंगलवार को एक टीवी चैनल से बातचीत में मारी गई बच्ची आयशा के अंकल हयात खान ने कहा- बाकी बच्चियां फिर स्कूल जाने लगी हैं या कुछ दिनों में जाने लगेंगी। मेरी आयशा अब कभी स्कूल नहीं जाएगी। मैं जानता हूं कि इस घटना को भी पहले की तरह दबा दिया जाएगा।
- हयात ने आगे कहा- जांच के नाम पर मामले को दबाने की कोशिश होने लगी है। पुलिस कह रही है कि ये आतंकी हमला नहीं है। तो फिर वो ये बताए कि कातिल ने मारने के लिए बच्चियों को ही क्यों चुना? इसलिए मैं कह रहा हूं कि हमें इंसाफ की उम्मीद नहीं है।
- हमले में घायल 9 साल की अरीशा ने कहा- गोलियां पीछे से चलीं। पहले हमें लगा कि कहीं आतिशबाजी हो रही है। कुछ ही देर में मेरे सामने बैठी बच्ची के कपड़ों पर खून दिखा, हम घबरा गए। पलटकर देखा तो हमला करने वाले अंकल दोबारा गन लोड कर रहे थे।

आयशा की स्कूल वैन में अरीशा भी मौजूद थी। तस्वीर सोशल मीडिया से ली गई है।
पाकिस्तान में अब भी मलाला का विरोध

मलाला का यह फोटो 2018 का है। तब उन्होंने अपने ब्रिटिश दोस्तों के साथ होली खेली थी। पाकिस्तान में कई लोगों ने इस पर ऐतराज जाहिर किया था।
- 2 साल पहले ‘वोग’ मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में नोबेल विजेता मलाला ने कहा था- 9 अक्टूबर 2012 को हम स्कूल जा रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे तालिबान के हथियारबंद आतंकियों ने हमारी वैन को रोका। पूछा- मलाला कौन है? बाकी लड़कियों की मलाला की तरफ घूम गईं। एक बंदूक से गोलियां निकलीं और मेरे चेहरे पर लगीं।
- मलाला को पेशावर के आर्मी हॉस्पिटल ले जाया गया। बचने की उम्मीद कम थी, इसलिए एयर एम्बुलेंस से लंदन भेज दिया गया। तब से मलाला ब्रिटेन में ही हैं। पिछले साल उन्होंने शादी भी कर ली। घटना के बाद वो दो बार पाकिस्तान गईं। यहां मलाला को शक की नजर से देखा जाता है।
- टीवी एंकर फिजा खान ने अपने शो में कहा था- मलाला बदल चुकी है। एक वक्त उसने लड़कियों की शिक्षा पर फोकस किया। नाईजीरिया के आतंकी संगठन बोको हरम ने स्कूल से 150 लड़कियों को अगवा किया तो उसका विरोध किया। बराक और मिशेल ओबामा से मिली। अब बदल गई है।
- स्वात प्रेस क्लब के जर्नलिस्ट शहजाद आलम ने कहा- जब वो यहां थी तो हम उसे बहुत प्यार करते थे। इंग्लैंड जाकर बदल गई। अब लोग उससे नफरत करते हैं।
- फरवरी 2017 में फॉरेन पॉलिसी मैगजीन ने मलाला को लेकर पाकिस्तानी लोगों से बातचीत की थी। एक यूनिवर्सिटी प्रोफेसर का कहना था- मलाला में कुछ स्पेशल नहीं है। पाकिस्तान में लाखों बच्चों ने मलाला से ज्यादा गंभीर हमले झेले। क्या मलाला ने पाकिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमलों के खिलाफ आवाज उठाई? अगर मलाला को इस मुल्क की फिक्र है तो वो यहां वापस क्यों नहीं आतीं? मलाला पर तालिबान का हमला सिर्फ नाटक और रचा-रचाया ड्रामा था।
- 2014 में इमरान की पार्टी की विधायक मुसारत अहमद जेब ने दावा किया था- मलाला वेस्टर्न माइंडसेट की लड़की है। उस पर हमले की नौटंकी रची गई। तालिबान ने भी उस पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाया था। मुझे भी इस ड्रामे में शामिल होने का ऑफर था, मैंने ठुकरा दिया।

मलाला ने 2021 के आखिर में बचपन के दोस्त असीर से शादी की थी। यह तस्वीर मलाला ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी।






