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रोडवेज के बीकानेर डिपो की महिला कर्मचारी ने पेश की मानवता की मिसाल..

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बीकानेर। गत 19 अप्रैल को रात्रि पारी में कैश शाखा में ड्यूटी कर सोनू राजपुरोहित जब लगभग 12:15 बजे कैश शाखा से बस स्टैंड पर आई तो देखा एक लड़की बैंच पर अकेली बैठी है जिसके आसपास कोई नहीं था एवं ना ही आधी रात को बीकानेर से किसी भी स्थान हेतु कोई बस ही प्रस्थान लेने वाली थी तो सोनू राजपुरोहित उस लड़की के पास गई एवं उससे पुछा कि आपको कहां जाना है आप यहां कैसे बैठे हो तो लड़की नै कहा कि मुझे सुबह लेने आएंगे मैं तब जाऊंगी रात में यही रहूंगी आश्चर्य हुआ जिसके कारण सोनू द्वारा बार-बार उसे लड़की से उसके माता-पिता की संपर्क नंबर देने के लिए कहा गया अंत में उसके द्वारा बताया गया कि मैं राजसमंद जिले के पास गांव‌ की रहने वाली हूं एवं सुबह 3:30 बजे अकेली घर से निकल गई थी वहां से जयपुर आई और जयपुर से बस से बीकानेर आ‌ गयी।
ये सुनकर परिचालक सोनू अवाक रह गई‌‌ कि अकेली लड़की इतनी दूर से आई है और रात भर अकेली बस स्टैंड पर कैसे रहेगी। डिपो प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया, लड़की के माता-पिता के फोन भी स्विच ऑफ आ रहे थे। अंत में सोनू द्वारा अकेला होने के कारण अपने घर पर माता-पिता को फोन करके बुलाया उनके साथ पुलिस चौकी बीकानेर रोडवेज बसस्टेंड एवं पुलिस थाना बीछवाल को सूचित किया बीछवाल थाने से ड्यूटी ऑफिसर श्री बंशीलाल जी आए संपूर्ण मामले की पूछताछ करते-करते लगभग सुबह के 4 बज गये ।लड़की प्रेम प्रसंग में घर से आ गयी है । चूंकि रात्रि में लड़की को अकेला स्टैंड पर छोड़ना ठीक नहीं था एवं तब बीछवाल थाना के ड्यूटी ऑफिसरश्री बंशीलाल जी कहने पर सोनू राजपुरोहित एवं उनके माता-पिता को रात रात को अपने साथ अपने घर ले जाने एवं उसकी देखभाल करने को कहा गया तो वे लड़की को अपने साथ अपने घर ले गये एवं खाना खिलाया एवं रखा। चूंकी लड़की अपने घर से बिना किसी सामान लिए आई थी एवं मात्र 500/- रूपये लेकर आई थी जो रास्ते में किराये में एवं खाने में ख़र्च हो चुके थे तो सोनू द्वारा लड़की को सुबह जरूरत की चीजें , कपड़े दिलाए एवं बच्ची के परिवार से सम्पर्क किया तो उसके परिवारजनों द्वारा उसके बिना‌ बताये घर से निकल जाने के कारण उसको वापस नहीं ले जाने की‌‌ बात कहने‌पर लड़की को पुलिस थाना बीछवाल बीकानेर लेकर गयी एवं थाने में वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया एवं परिस्थिति के अनुसार दिनांक 20 अप्रैल को सखी सेंटर बीकानेर में सुरक्षित पहुंचाया गया , जहां से आज लड़की के परिवार को बीकानेर बुलाकर आपसे समझाईश करवा कर लड़की को माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया।
सलाम है बीकानेर डिपो की कर्मचारी श्रीमती सोनू राजपुरोहित को जिसने मानवता की मानव सेवा की मिशाल पेश करते हुए आधी रात को एक अकेली लड़की को बस स्टैंड पर अकेली नहीं छोड़कर उसके हो सकने वाली किसी भी अनहोनी से बचाया बल्कि अपने घर पर ले जाकर उसे आश्रय दिया।

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