सीमा सुरक्षा बल के “बावा” संगठन की “संगिनी” के माध्यम से महिलाओं और समाज के पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु एक पहल

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बीकानेर।सीमा सुरक्षा बल का बावा संगठन बीएसएफ से जुड़ी महिलाओं में रोजगार तथा स्वावलंबन की पहल हेतु प्रयासरत है। “बीएसएफ वाइफ वेलफेयर एसोसिएशन” वस्तुतः बीएसएफ मैं कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के महिला परिवार सदस्यों का एक संगठन है जिसके माध्यम से सामाजिक सरोकार का निर्वहन किया जा रहा है।
बीकानेर में बावा प्रेसिडेंट श्रीमती अंबिका राठौड़ ने बताया कि बीकानेर सेक्टर की बावा इकाई “संगिनी” आउटलेट के माध्यम से बीएसएफ कर्मियों की पत्नियों एवं अन्य महिला सदस्य के हुनर को प्लेटफार्म देने का कार्य किया जा रहा है।यही नहीं इसका मूल उद्देश्य इन महिलाओं की इच्छा शक्ति और इन के हुनर को एक नई पहचान देना है। बावा की संगठन इकाई संगिनी के माध्यम से इन महिलाओं द्वारा बनाए गए सामान की न केवल बिक्री की जाती है अपितु इन्हें एक ऐसा मंच देने का प्रयास भी किया जाता है ताकि यह अपने हुनर को बढ़ा सकें। इसके लिए आवश्यकता होने पर इन महिलाओं को कच्चा माल तक की उपलब्धता कराई जाती है। उनके द्वारा बनाए सामान की बिक्री हेतु इकाई बीकानेर सेक्टर संगिनी के नाम से में स्थापित की गई है इन महिलाओं के लिए यह आय का स्त्रोत भी है ।इसके अलावा इस संगठन के माध्यम से होने वाली आय को समाज के दिव्यांग बच्चों, पिछड़े बच्चों की शिक्षा तथा अन्य वेलफेयर कार्यों में उपयोग में लाया जाता है।
बीकानेर सेक्टर के डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ की पत्नी श्रीमती अंबिका राठौड़ वर्तमान में बीकानेर में बावा की प्रेसिडेंट हैं, उनके नेतृत्व में “संगिनी” इन महिलाओं को एक नया मंच देने के साथ-साथ समाज के पिछड़े वर्ग हेतु कार्य करने के लिए प्रयासरत है।

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