टावर के लिए खोदे गड्‌ढे में गिरा 7 वर्षीय मासूम:आंगनबाड़ी से पोषाहार लेकर लौट रहा था; कंपनी के खिलाफ परिवाद

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टावर के लिए खोदे गड्‌ढे में गिरा 7 वर्षीय मासूम:आंगनबाड़ी से पोषाहार लेकर लौट रहा था; कंपनी के खिलाफ परिवाद

रावतभाटा (चित्तौड़गढ़)

आंगनबाड़ी केंद्र से पोषाहार लेकर घर लौट रहा 7 साल का बच्चा बरसाती गड्ढे में गिर गया। डूबने से उसकी मौत हो गई। मामला चित्तौड़गढ़ जिले की रावतभाटा तहसील की बरखेड़ा पंचायत के फुटतालाब का है। घटना शुक्रवार दोपहर में हुई। परिजन ने शनिवार शाम 4 बजे रावतभाटा थाने पहुंचकर मोबाइल टावर लगवाने वाली निजी कंपनी के खिलाफ शिकायत दी है।

बच्चे के पिता शंभूलाल ने बताया- मोबाइल कंपनी वालों ने एक साल से टावर लगवाने के लिए गड्ढा खोद रखा है। जिसमें मेरा बेटा गोवर्धन (7) गिर गया और उसकी मौत हो गई। परिजनों के साथ पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता और परिजनों का कहना है कि टावर कंपनी की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है।

परिजनों ने शनिवार को थाने पहुंचकर परिवाद दिया।

परिजनों ने शनिवार को थाने पहुंचकर परिवाद दिया।

बड़े भाई ने घर आकर दी सूचना

गोवर्धन की दादी ने कमली बाई ने बताया कि गोवर्धन के माता-पिता मजदूरी करने के लिए गए थे। शुक्रवार सुबह 11:30 बजे गोवर्धन अपने भाई और बहन के साथ एक किलोमीट दूर आंगनबाड़ी में पोषाहार लेने गया था। साढे़ 12 बजे बड़ा भाई ओमप्रकाश दौड़कर आया और छोटे भाई के गड्ढे में गिरने की जानकारी दी।

इस पर मैं और अन्य ग्रामीण गड्ढे के पास पहुंचे। जहां कुछ गांव ने गड्ढे से बाहर निकाला। मगर तब तक गोवर्धन ने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने किया अंतिम संस्कार

शुक्रवार को बच्चे की मौत की के बाद परिजनों ने प्रशासन को बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें कानून के बारे में पता नहीं था, जिस पर उन्होंने किसी को सूचना नहीं दी। घटना की जानकारी गांव के शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली तो वह पिता शंभूलाल को लेकर रावतभाटा थाने पहुंचे।

कंपनी की ओर से खोदे गए गड्ढे में गिरने से मासूम की मौत हो गई। परिवार के लोगों को चप्पलें तैरती मिली।

कंपनी की ओर से खोदे गए गड्ढे में गिरने से मासूम की मौत हो गई। परिवार के लोगों को चप्पलें तैरती मिली।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन मीणा ने बताया- जियो टावर के लिए गड्‌ढा खुदवाया गया था। किसी कारण से टावर खड़ा नहीं हो सका। टावर लगाने वाली ठेकेदार कंपनी ने न तो गड्‌ढे को भरा और न ही टावर लगाया। सालभर गड्‌ढा ऐसे ही है। बारिश में इसमें पानी भर गया। यह गांव के आम रास्ते पर है। ऐसे में बच्चा खेलते-खेलते इसमें गिर गया। गड्ढा आंगनबाड़ी केंद्र से 600 मीटर दूरी पर स्थित है। भविष्य में भी इस तरह की घटना होने का अंदेशा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सपना बलसोरी ने कहा- जियो नेटवर्क का टावर लगाने वाली कंपनी की घोर लापरवाही है। इस गड्‌ढे में पहले भी एक गाय गिर चुकी है। दुर्घटना का अंदेशा था ही। इसके बाद भी सबक नहीं लिया गया। रावतभाटा सीआई रायसल सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से परिवाद मिला है। मामले की जांच की जाएगी।

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