अपना घर आश्रम में भजन संध्या का आयोजन: 215 प्रभु जनों को ऊनी टोपियां भेंट कर लाभान्वित किया गया

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

अपना घर आश्रम में भजन संध्या का आयोजन: 215 प्रभु जनों को ऊनी टोपियां भेंट कर लाभान्वित किया गया

बीकानेर, 21 अक्टूबर 2024: आज शाम को अपना घर आश्रम में भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें आश्रम के सभी वृद्धजनों ने भक्ति और संगीत की इस संध्या का भरपूर आनंद लिया। इस मौके पर प्रभु जनों को ऊनी टोपियां भेंट कर, 215 प्रभु जनों को लाभान्वित किया गया। भजन संध्या के बाद प्रभु जनों को टोपियां भेंट कर सर्दी से बचाने की यह विशेष पहल की गई, जिससे सभी ने अत्यधिक प्रसन्नता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान, वीरा सरिता बोथरा द्वारा आश्रम में 2100 रूपए का डोनेशन भी दिया गया, जिससे आश्रम की सेवाओं को और मजबूती मिली। भजन संध्या का आयोजन आश्रम के बुजुर्ग निवासियों के जीवन में खुशी और भक्ति का नया रंग भरने के उद्देश्य से किया गया। भजनों की मधुर धुनों पर आश्रम के सभी वृद्धजनों ने नृत्य किया और भक्ति रस में डूबे हुए इस पवित्र संध्या का आनंद उठाया।

वीरा बहनों द्वारा गाए गए भजनों ने सभी का मन मोह लिया। वीरा केंद्र की महिलाओं ने इस कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अध्यक्ष वीरा श्रुति बोथरा, सचिव वीरा मनीषा डागा, वीरा सरिता बोथरा, वीरा सरिता सेठिया, और वीरा अंजू कोचर ने भजनों और प्रार्थना के माध्यम से उपस्थित जनों का दिल जीत लिया। भजन टीम के सहयोग से उन्होंने वृद्ध आश्रम में अद्भुत माहौल बनाया, जहां संगीत की धुनों ने हर किसी के मन को छू लिया।

वृद्ध आश्रम के मैनेजर ने इस अवसर पर विशेष रूप से वीरा केंद्र का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा, “डोनेशन तो सभी लोग देते हैं, लेकिन बीकाणा वीरा केंद्र का यह तरीका, जिसमें संगीत की तरंगों से प्रभु जनों के दिलों को छूकर, उन्हें अपनेपन का एहसास करवाया गया, वास्तव में अद्वितीय है। यह एक ऐसा अनुभव था जिसमें दूसरों की खुशियों में खुद को भी खुशी मिली।”

कार्यक्रम के आयोजन में वीरा बहनों का गुप्त सहयोग रहा, जिससे यह संध्या यादगार बन गई। आश्रम के बुजुर्गों ने इस भजन संध्या को अपने जीवन का एक विशेष पल माना और वीरा बहनों के सहयोग और समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।

Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!