रामलला मंदिर में फागोत्सव: भक्तों ने फूलों संग खेली होली

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रामलला मंदिर में फागोत्सव: भक्तों ने फूलों संग खेली होली

बीकानेर। रंगों और भक्ति से सराबोर फागोत्सव का भव्य आयोजन शुक्रवार को गुफा मंदिर सवा समिति के तत्वावधान में रामलला मंदिर प्रांगण में किया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में डूबकर फागोत्सव मनाया और भगवान श्रीकृष्ण संग फूलों से होली खेली।

भक्तों ने कान्हा संग खेली फूलों की होली

गुफा मंदिर समिति के अध्यक्ष हर्ष जग्गी के अनुसार, इस विशेष आयोजन में श्रद्धालु अपने घरों से श्रीकृष्ण स्वरूप बाल-गोपाल को साथ लेकर मंदिर पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और बंदनवारों से सजाया गया था। जैसे ही फागोत्सव का शुभारंभ हुआ, श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूम उठे। “होली खेल रहे हैं गिरधारी” और “फाग खेलन आए श्याम” जैसे भजनों पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया।

फूलों की वर्षा और भजन संध्या से भक्तिमय माहौल

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के समक्ष अबीर-गुलाल अर्पित किया और फूलों से होली खेली। मंदिर परिसर में गुलाब, गेंदे और मोगरे की पंखुड़ियों की वर्षा से पूरा वातावरण सुरभित हो उठा। फूलों की होली के साथ-साथ, भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें रितु सोनी, अंजलि नैयर, रीता जग्गी, प्रीति गुप्ता, रजनी कालरा, तरुण नैयर, महेन्द्र कट्टा, जितेन्द्र जुनेजा, दीपक गुप्ता, सतीश शर्मा, आनंद पारीक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, भक्तिरस में डूबा वातावरण

फागोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने मिलकर रंगों और फूलों के साथ होली का आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने बड़े उत्साह से इस आयोजन में भाग लिया। भक्तों ने भगवान के भजन गाए और मंदिर परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

समापन और प्रसाद वितरण

कार्यक्रम के समापन पर मंदिर समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। हर्ष जग्गी ने बताया कि हर वर्ष गुफा मंदिर समिति की ओर से फागोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें शहरभर के श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

मंदिर परिसर में इस बार का आयोजन विशेष रूप से भव्य रहा, जहां भक्तों ने फूलों की होली खेलते हुए आनंद उठाया और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। इस आयोजन ने भक्तों को प्रेम, रंग और भक्ति का संदेश दिया, जिससे मंदिर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

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