वक्फ बोर्ड बिल पर संसद में हंगामा, ओवैसी ने विधेयक की प्रति फाड़ी
लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर जोरदार बहस
नई दिल्ली। संसद में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर जबरदस्त बहस देखने को मिली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया और इसे मुसलमानों के अधिकारों का हनन बताया। बहस के दौरान ओवैसी ने विधेयक की प्रति फाड़ते हुए कहा कि यह कानून मुसलमानों को उनके धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक अधिकारों से वंचित करने का प्रयास है।
ओवैसी ने क्या कहा?
ओवैसी ने संसद में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“यह विधेयक मुसलमानों का अपमान है। यह संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन करता है। इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को जबरदस्ती सरकारी नियंत्रण में लेना और मुस्लिम समुदाय को हाशिए पर धकेलना है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए वक्फ बोर्ड की स्वतंत्रता खत्म करना चाहती है और यह मुसलमानों को द्वितीय श्रेणी का नागरिक बनाने का प्रयास है।
विधेयक में क्या है?
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाना है। इस विधेयक में कुछ प्रमुख प्रावधान शामिल हैं:
- वक्फ संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन – सरकार को अधिकार होगा कि वह वक्फ संपत्तियों की समीक्षा कर सके।
- वक्फ बोर्ड की शक्तियों में कटौती – वक्फ बोर्ड को मिलने वाले कुछ विशेषाधिकार सीमित किए जाएंगे।
- सरकारी हस्तक्षेप – सरकार को वक्फ बोर्ड के फैसलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार मिलेगा।
- भूमि विवादों का समाधान – वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए एक विशेष न्यायाधिकरण का गठन किया जाएगा।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
- बीजेपी: सत्तारूढ़ पार्टी ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह पारदर्शिता लाने और वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है।
- कांग्रेस: कांग्रेस ने विधेयक का विरोध किया और कहा कि यह मुसलमानों के अधिकारों का हनन है।
- टीएमसी और आरजेडी: इन दलों ने भी विधेयक को मुस्लिम विरोधी करार दिया।
विपक्ष की रणनीति
विपक्ष इस मुद्दे को 2025 के आगामी चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की योजना बना रहा है। कई मुस्लिम संगठनों ने भी इस विधेयक का विरोध किया है और इसे समुदाय के खिलाफ एक षड्यंत्र बताया है।
आगे क्या होगा?
विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। यदि यह राज्यसभा से भी पास हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा।
Waqf Board Bill Sparks Controversy in Parliament, Owaisi Tears a Copy
Lok Sabha Witnesses Heated Debate on Waqf (Amendment) Bill, 2025
New Delhi: The Lok Sabha on Wednesday witnessed a heated debate over the Waqf (Amendment) Bill, 2025. AIMIM chief and MP Asaduddin Owaisi strongly opposed the bill, calling it an insult to Muslims. During the debate, Owaisi tore a copy of the bill in protest, stating that the legislation aims to deprive Muslims of their religious, social, and economic rights.
What Did Owaisi Say?
Owaisi, in a fiery speech, said,
“This bill is an insult to Muslims. It violates Articles 14, 25, and 26 of the Constitution. The purpose of this bill is to bring Waqf properties under government control and push the Muslim community to the margins.”
He accused the government of trying to strip the Waqf Board of its autonomy and called it an attempt to make Muslims second-class citizens.
What’s in the Bill?
The Waqf (Amendment) Bill, 2025 aims to bring more transparency and control over the management of Waqf properties. Some key provisions of the bill include:
- Re-evaluation of Waqf Properties – The government will have the authority to reassess Waqf properties.
- Reduction in Waqf Board Powers – Certain privileges of the Waqf Board will be curtailed.
- Government Intervention – The government will have the right to interfere in the board’s decisions.
- Resolution of Land Disputes – A special tribunal will be set up to handle disputes related to Waqf properties.
Political Reactions
- BJP: The ruling party has defended the bill, saying it will bring transparency and prevent the misuse of Waqf properties.
- Congress: The Congress party has opposed the bill, calling it an attack on Muslim rights.
- TMC and RJD: These parties have also criticized the bill, labeling it anti-Muslim.
Opposition’s Strategy
The opposition plans to make this a major political issue ahead of the 2025 elections. Several Muslim organizations have also opposed the bill, calling it a conspiracy against the community.
What’s Next?
The bill has already been passed in the Lok Sabha and will now be tabled in the Rajya Sabha. If it clears the Upper House, it will become law after receiving the President’s assent.
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