पुलिस की मौजूदगी में सांस्कृतिक कार्यक्रम में अश्लील डांस,VIDEO:बोली- बिना परमिशन के हुआ था आयोजन, शांति व्यवस्था के लिए ड्यूटी ऑफिसर को भेजा था

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पुलिस की मौजूदगी में सांस्कृतिक कार्यक्रम में अश्लील डांस,VIDEO:बोली- बिना परमिशन के हुआ था आयोजन, शांति व्यवस्था के लिए ड्यूटी ऑफिसर को भेजा था

नीमकाथाना (सीकर)1

नीमकाथाना जिले में एक धार्मिक मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंच पर अश्लील डांस का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम बिना परमिशन के आयोजित हुआ है। आयोजकों को पूछताछ के लिए बुलाया है।

जबकि हकीकत यह है कि कार्यक्रम में दो पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। 30 सितंबर को हुए कार्यक्रम का वीडियो बुधवार को सामने आया। वीडियो में दाेनों पुलिसकर्मी मंच पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। मामला उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के पचलंगी गांव का है।

जानकारी के अनुसार- मातेश्वरी धार्मिक जन कल्याण सेवा समिति की ओर से पचलंगी में 1 अक्टूबर से रामदेव और भैरूजी का दो दिवसीय मेला आयोजित किया गया था। मेले से पूर्व 30 सितंबर की रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ था। इसमें फीमेल डांसर बुलाई गई थीं, जो वीडियो में अश्लील डांस करती नजर आ रही हैं।

यह सांस्कृतिक कार्यक्रम की तस्वीर है। इसमें दो पुलिसकर्मी (गोले में) मंच पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि डांसर अश्लील डांस कर रही थी।

यह सांस्कृतिक कार्यक्रम की तस्वीर है। इसमें दो पुलिसकर्मी (गोले में) मंच पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि डांसर अश्लील डांस कर रही थी।

आयोजकों को पूछताछ के लिए बुलाया उदयपुरवाटी थाना एसएचओ राजेश कुमार ने बताया- पचलंगी में 2 दिन के मेले का आयोजन था। आयोजकों ने पुलिस से परमिशन भी नहीं ली। अब हमारे सामने इससे जुड़े कुछ वीडियो आए हैं, जिनमें अश्लील डांस किया जा रहा है। जिसको लेकर हमने आयोजकों को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शांति व्यवस्था के लिए ड्यूटी ऑफिसर को भेजा था जब एसएचओ से वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा- कार्यक्रम की परमिशन नहीं थी। कार्यक्रम से सूचना आई थी कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में भीड़ ज्यादा है। इसलिए रात को थाने के ड्यूटी ऑफिसर गए थे। शांति की अपील करके 15 से 20 मिनट में वापस आ गए थे।

मेला कमेटी अध्यक्ष बोले- वीडियो एडिटेड मामले को लेकर मेला कमेटी के अध्यक्ष मदनलाल भावरिया का कहना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में रात को कुछ लोग विरोध करने वाले भी थे। वे कार्यक्रम को सफल नहीं होने देना चाहते थे। महिला डांसर के वीडियो में उन्होंने एडिटिंग करके वायरल किया है, जो सरासर गलत है। ऐसा कोई अश्लील डांस वहां पर नहीं हुआ है।

एडवोकेट निशन कुमार और गोपाल सैनी के अनुसार, 296 बीएनएस के तहत सार्वजनिक जगहों पर अश्लील गाने गाना या अश्लील हरकतें करना अपराध है। इस पर 3 महीने के कारावास और एक हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

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