राष्ट्रीय वेबिनार में बीकानेर की डॉ. मेघना शर्मा ने महिला स्वतंत्रता सेनानियों पर दिया बीज व्याख्यान..

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महिलाओं की आहुतियों के बिना अधूरा रह जाता स्वशासन का सपना : डॉ. मेघना शर्मा

बीकानेर।शासकीय महाविद्यालय आलमपुर, भिंड, मध्य प्रदेश की महिला स्वतंत्रता सेनानी (मध्य भारत के विशेष संदर्भ में) विषयक राष्ट्रीय वेबिनार में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में मध्य भारत की महिला स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर बोलते हुए कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करने तक महिलाओं ने विरोध, प्रतिरोध की नीति अपनाते हुए सशस्त्र आंदोलनों में भी भूमिका निभाई तो गांधी के सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा को भी अपना अस्त्र बनाया। भूमिगत गतिविधियों में भी महिलाओं का विशेष योगदान रहा।
डॉ. मेघना ने आगे बोलते हुए कहा कि यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि यदि महिलाओं ने खुदको स्वाधीनता की लड़ाई में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ना झोंका होता तो शायद स्वशासन का सपना कभी पूरा नहीं हो पाता।
इससे पूर्व सरस्वती पूजन व स्वागत गीत से वेबिनार का शुभारंभ हुआ। स्वागत भाषण महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. भगवान सिंह निरंजन ने दिया तो विषय प्रवर्तन इतिहास विभाग की डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने किया। वेबिनार में प्रो. कुमार रत्नम, कल्याण सिंह कौरव, प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. हंसा व्यास आदि ने भी विचार रखे। आभार प्रदर्शन धर्मवीर भदौरिया द्वारा किया गया।

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