
हर साल गरीब महिलाओं को हज-उमरा यात्रा का सौगात, इस बार बीकानेर की जमील बहन को मिली बारी
बीकानेर।अब्बासी समाज के सर्वांगीण विकास और सेवा के लिए समर्पित इंडियन शेख अब्बासी अल्पसंख्यक महासभा – 623 पूरे भारत में निरंतर सराहनीय कार्य कर रही है। यह संस्था सामाजिक उत्थान की दिशा में विशेष प्रयास करते हुए समय-समय पर निःशुल्क कंप्यूटर कोर्स, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र, फ्री ट्यूशन, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल सामग्री वितरण, जरूरतमंदों की शादियां और अन्य कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है।
इसी श्रृंखला में एक बार फिर राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सूफी अयूब रज्जाकी साहब ने समाजसेवा की मिसाल कायम की है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उन्होंने दो जरूरतमंद मुस्लिम महिलाओं को अपने व्यक्तिगत खर्चे पर उमरा यात्रा करवाने की घोषणा की थी। इसी क्रम में आज बीकानेर की मदीना मस्जिद क्षेत्र निवासी बहन जमीलाजी को उमरा यात्रा के लिए रवाना किया गया।
सूफी अयूब रज्जाकी ने बताया कि “हर वर्ष प्रयास रहता है कि समाज की कोई जरूरतमंद बहन खुदा के घर की हाजिरी दे सके। यह हमारा फर्ज भी है और सौभाग्य भी।” उन्होंने कहा कि इंसानियत और सेवा ही अब्बासी महासभा का मूल मंत्र है।
बहन जमीला 27 जुलाई को शाम 4 बजे की फ्लाइट से रवाना होंगी, वे पवित्र स्थलों की जियारत कर सकेंगी। इस मौके पर समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और बहन जमीला को हज-उमरा की मुबारकबाद देते हुए उनकी सलामती की दुआ की।
इंडियन शेख अब्बासी अल्पसंख्यक महासभा द्वारा किए जा रहे इन सामाजिक कार्यों से न सिर्फ समाज को नई दिशा मिल रही है, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में भी उम्मीद की किरण जग रही है।












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