अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब स्थानीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंप संचालकों को बिक्री सीमित करने के मौखिक निर्देश दिए जाने की चर्चा के बीच बीकानेर शहर में कई पेट्रोल पंप आंशिक रूप से बंद नजर आए, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों ने पंप संचालकों से कहा है कि वे न्यूनतम स्तर पर तेल की बिक्री करें। यहां तक कि जरूरत पड़ने पर रात के समय पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बंद रखने के भी संकेत दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद उपभोक्ता स्तर पर दरें नहीं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे कंपनियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी के चलते कंपनियां अब अप्रत्यक्ष रूप से बिक्री कम करने की रणनीति अपना रही हैं। इसका सीधा असर बीकानेर में देखने को मिल रहा है, जहां कई पेट्रोल पंपों पर “नो स्टॉक” या सीमित आपूर्ति की स्थिति बन गई है।
शहर के प्रमुख इलाकों में खुले पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर हल्की अव्यवस्था की स्थिति भी बनी हुई है।
उधर पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें कंपनियों की ओर से सप्लाई सीमित दी जा रही है, जिसके कारण वे लगातार बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। कई संचालकों ने बताया कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में और अधिक पंप प्रभावित हो सकते हैं।
इधर, आमजन में इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सप्लाई सामान्य नहीं की गई तो परिवहन व्यवस्था और दैनिक जीवन पर व्यापक असर पड़ सकता है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शहर में बनी यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है।














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