उद्यमियों ने आधुनिक तकनीक, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के साथ व्यवसाय को आगे बढ़ाने पर दिया जोर
बीकानेर, 6 सितंबर। बिश्नोई ग्लोबल काउंसिल, जोधपुर एवं राजाराम धारणिया ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को बिश्नोई बिजनेस समिट का आयोजन बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित राजाराम धारणिया फोरव्हील्स शोरूम में किया गया। समिट में बीकानेर, नोखा तथा आसपास के क्षेत्रों से 550 से अधिक बिश्नोई व्यवसायी एवं उद्यमी शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु जांभोजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं साखी के साथ हुआ। समिट की अध्यक्षता बिश्नोई समाज के वरिष्ठ उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री राजाराम जी धारणिया ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजी श्री देवेंद्र जी भादू (IPS) थे।
मुख्य अतिथि श्री देवेंद्र जी भादू ने कहा कि उद्यमियों को कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर सामूहिकता की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए व्यवसाय करने पर जोर दिया और कहा कि समाज एवं राष्ट्र के विकास में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
संत समाज के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित स्वामी श्री भागीरथ दास जी शास्त्री जैसला ने कहा कि व्यवसाय करते समय गुरु जांभोजी द्वारा बताए गए नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यवसाय में सफलता के साथ संस्कार और नैतिकता को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
बिश्नोई ग्लोबल काउंसिल के अध्यक्ष श्री रमेश बाबल ने आगामी 25, 26 एवं 27 दिसंबर को जोधपुर में आयोजित होने वाले बिश्नोई ग्लोबल कन्वेंशन एंड एक्सपो के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और समाज के उद्यमियों से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
समिट के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उद्यमी श्री राजाराम जी धारणिया ने कहा कि व्यापार के साथ समाज सेवा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को साथ लेकर चलना और सामूहिक विकास के लिए कार्य करना आवश्यक है।
नोखा के पूर्व विधायक श्री बिहारी लाल बिश्नोई ने कहा कि युवाओं को रोजगार पाने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प में बिश्नोई समाज के उद्यमी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं पर हुआ मंथन
समिट में शामिल उद्यमियों एवं विशिष्ट अतिथियों ने व्यवसाय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। इनमें अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप व्यवसाय क्षेत्र का चयन, संबंधित क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुभव प्राप्त करना, वित्तीय नियोजन, मॉनीटरिंग एवं कंप्लायंस, वैश्विक बाजार एवं बदलते ट्रेंड तथा मांग के अनुरूप व्यवसाय में बदलाव, नेटवर्किंग एवं व्यावसायिक संबंधों को मजबूत बनाए रखना जैसे विषय प्रमुख रहे।
इसके साथ ही सरकारी नियमों के अनुसार पंजीकरण एवं अनुपालना, ऑडिट एवं रिटर्न आदि की प्रक्रिया का पालन, सरकारी योजनाओं, वित्तीय योजनाओं एवं ऋण सुविधाओं का लाभ उठाने, परंपराओं, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों के साथ आधुनिक तकनीक, इनोवेशन एवं स्टार्टअप को अपनाने पर भी चर्चा हुई।
कृषि क्षेत्र में उद्योग एवं व्यवसाय की संभावनाओं, व्यवसाय में महिला शक्ति की भूमिका एवं योगदान तथा आगामी दिसंबर में जोधपुर में होने वाले बिश्नोई ग्लोबल कन्वेंशन एंड एक्सपो को लेकर भी उद्यमियों ने विचार साझा किए।
वक्ताओं ने गुरु जांभोजी द्वारा बताए गए सिद्धांतों एवं दर्शन को व्यवसाय में अपनाने, भारतीय परंपराओं एवं संस्कारों का पालन करते हुए पर्यावरण हितैषी एवं सतत व्यवसाय मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम का मंच संचालन बिश्नोई ग्लोबल काउंसिल के महासचिव एवं समिट के संयोजक श्री आर.के. बिश्नोई, दिल्ली ने किया।
समिट में प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े समाजसेवी भी उपस्थित रहे।








