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राजस्थान में चाय पत्ती बेचने वाला बना बड़ा ड्रग सप्लायर:पहले खुद लेता, फिर दूसरों को करता सप्लाई; 230 करोड़ की ड्रग के साथ निकला कनेक्शन

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राजस्थान में चाय पत्ती बेचने वाला बना बड़ा ड्रग सप्लायर:पहले खुद लेता, फिर दूसरों को करता सप्लाई; 230 करोड़ की ड्रग के साथ निकला कनेक्शन

पाली

गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आरोपी दीपक सोलंकी (लाल टीशर्ट में) - Dainik Bhaskar

गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आरोपी दीपक सोलंकी (लाल टीशर्ट में)

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडिया(NCB) और गुजरात एटीएस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजस्थान-गुजरात में चार जगहों पर रेड के दौरान 230 करोड़ रुपए कीमत की ड्रग पकड़ी है। मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

टीम की ओर से पिपलाज गुजरात में रेड के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पाली का भी एक युवा शामिल है। आरोपी को पुलिस पहले जोधपुर में भी मेथाएम्फेटामाइन (मेफेड्रोन) यानी एमडी(MD) ड्रग के साथ पकड़ चुकी है, जिसे परिजनों ने मुश्किलों से छुड़वाया था। हालांकि बीते तीन सालों में आरोपी युवक ने ड्रग सप्लायर के रूप में तेजी से पैर पसारें और युवाओं को एमडी की लत लगाकर अपना कारोबार बढ़ाया।

आरोपी दीपक सोलंकी का स्कॉर्पियो के साथ फोटो। जो उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर रखा है।

आरोपी दीपक सोलंकी का स्कॉर्पियो के साथ फोटो। जो उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर रखा है।

चाय पत्ती की सप्लाई की आड़ में बनाया नेटवर्क
पुलिस ने बताया- पाली के बापूनगर विस्तार में दीपक सोलंकी(30) पुत्र पेमाराम सोलंकी का घर है। वह पिता के चाय के बिजनेस में चाय पत्ती की सप्लाई का काम करता है। इसके चलते उसका पाली जिले में आना-जाना लगा रहता था। करीब तीन-चार साल पहले वह एमडी के सप्लायर कुलदीप सिंह के संपर्क में आया, जिसने उसे पाली में एमडी ड्रग के नशे का कारोबार में अच्छे मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद दीपक जोधपुर से एमडी लाकर पाली में बेचने लगा और युवाओं को नशे का आदि बनाने लगा। उसने अपने नीचे कई लोगों को जोड़ दिया और कुछ ही सालों में पाली जिले में एमडी का बड़ा सप्लायर बन गया।

सोशल मीडिया पर अपलोड किया दीपक सोलंकी का फोटो।

सोशल मीडिया पर अपलोड किया दीपक सोलंकी का फोटो।

लूणी में पहले पकड़ा जा चुका है दीपक
पुलिस ने बताया- दीपक को करीब एक साल पहले जोधपुर जिले के लूणी थाना पुलिस ने तीन-चार युवकों के साथ एमडी लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसके बाद परिवार ने काफी मुश्किलों से उसकी जमानत करवाई थी। नशे के इस कारोबार में घुसने के बाद दीपक स्कॉर्पियो जैसी गाड़ी में घूमने लगा। जोधपुर से गुजरात आने-जाने लगा। सोशल मीडिया पर खुद की प्रोफाइल में बिजनेसमैन लिखना शुरू कर दिया। आरोपी के अकाउंट में गाड़ी के साथ कई फोटो बरामद किए गए है।

पिता ने कहा था- घर के बिजनेस पर ध्यान दें
पुलिस ने बताया- इकलौती संतान होने के कारण पिता ने उसकी जमानत करवाई थी और युवक से परिवार के चाय के बिजनेस पर ही ध्यान दें। अपराध की राह सिर्फ जेल तक जाती है, लेकिन आरोपी पर पिता की नसीहत का असर नहीं हुआ और वह फिर से इस धंधे में पड़ गया, जिसके बाद गुजरात एटीएस ने उसे शनिवार को पकड़ लिया।

आरोपी दीपक का सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया फोटो।

आरोपी दीपक का सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया फोटो।

AC रूम में बैठकर लेनी होती है MD
सूत्रों की मानें तो MD का नशा स्मैक से कई गुना अधिक होता है। ढाई से 3 हजार रुपए एक ग्राम एमडी के लगते है और इसे गुटखे में मिलाकर भी खाया जाता है। पाली में युवा इस नशे को करने के लिए होटल में एसी रूम ग्रुप में मिलकर किराए पर लेते है और वहां बैठकर MD का नशा करते है। पुलिस का कहना है कि इस नशे की लत लगने पर वह इसके बिना नहीं रह पाता है और उसे बहुत ज्यादा बेचैनी होने लग जाती है। इसी वजह से पाली में युवा अपराध की राह पर बढ़ रहे है।

सिथेंटिक खाद से बनाई नशे की गोली
म्याऊं-म्याऊं नाम से पॉपुलर एमडी ड्रग कोकीन या हेरोइन की तरह प्राकृतिक नशीला पदार्थ नहीं है, बल्कि एक सिंथेटिक ड्रग है और इसका असली नाम मेफेड्रोन है। इसे कुछ खास पौधों के कीड़े मारने के लिए एक सिंथेटिक खाद के तौर पर तैयार किया गया था। बाद में इसे नशे के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा और देखते ही देखते नशेड़ियों के बीच इस ड्रग की मांग बढ़ने लगी। यह शुरुआत में बाकी ड्रग्स के मुकाबले काफी सस्ती थी, इसलिए इसकी डिमांड तेजी से बढ़ी। एनडीपीएस एक्ट के तहत इस पर बैन लगा हुआ है।

डिमांड के कारण होती गई महंगी
पुलिस का कहना है कि पहले यह ड्रग सस्ती थी, लेकिन डिमांड बढ़ने से इसकी रेट भी महंगी होती गई। म्याऊं-म्याऊं को लेकर जो जानकारी उपलब्ध है, उसके मुताबिक इसका नशा कुछ अलग होता है और इसे लेने के बाद शरीर में उत्तेजना एकदम तेजी से बढ़ जाती है। हाल के मामलों को देखें तो जोधपुर में इस ड्रग्स को लेने वाले युवाओं की तादाद तेजी से बढ़ी है।

SP बोले- नशे का कारोबार खत्म कर देंगे
एसपी चूनाराम जाट ने कहा- बीते कुछ महीनों में पाली पुलिस ने एमडी पकड़ने की बड़ी कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश से भी आरोपी पकड़कर लाए है। उनकी लास्ट कड़ी तक पहुंचे है। चुनाव खत्म हुआ है। अब फिर से इस धंधे से जुड़े आरोपियों को पकड़ने पर फोक्स करेंगे। ताकि कम उम्र के युवाओं को इस नशे की गिरफ्त से दूर किया जा सके।

गुजरात में रेड के दौरान पकड़ा गया आरोपी
बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडिया (एनसीबी) और गुजरात एटीएस की टीम ने राजस्थान-गुजरात में 230 करोड़ की ड्रग पकड़ी। टीम ने कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया, इनमें 6 राजस्थान के है। कार्रवाई शनिवार सुबह 4 बजे की गई। इस टीम में राजस्थान एसओजी और एनसीबी अधिकारी शामिल रहे। टीम ने पिपलाज गुजरात में रेड की, जहां से 500 ग्राम एमडी और 17 लीटर लिक्विड एमडी बरामद की। यहां से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें बनासकांठा निवासी नितेश दवे, वलसाड गुजरात निवासी हरीश सोलंकी, पाली निवासी दीपक सोलंकी और कुलदीप, सिद्धार्थ अग्रवाल निवासी जोधपुर को गिरफ्तार किया गया।

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