INTERNATIONAL NEWS

भारत के खिलाफ खेल कर रहा अमेरिकी विदेश विभाग? खालिस्तान वाली रिपोर्ट ने खोली ‘Hate India’ की पोल

TIN NETWORK
TIN NETWORK

भारत के खिलाफ खेल कर रहा अमेरिकी विदेश विभाग? खालिस्तान वाली रिपोर्ट ने खोली ‘Hate India’ की पोल

अमेरिका इन दिनों भारत के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहा है। इसका मास्टरमाइंड अमेरिकी विदेश विभाग को माना जा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ही भारत के खिलाफ अपने प्रचार तंत्र का भरपूर उपयोग कर रहा है। हाल में ही प्रकाशित वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के पीछे भी अमेरिकी विदेश विभाग का हाथ माना जा रहा है।

India US Relations
के खिलाफ की चाल?

वाशिंगटन: खालिस्तान अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित हत्या की साजिश मामले में भारत के कुछ अधिकारियों की भूमिका के बारे में द वाशिंगटन पोस्ट के दावे ने सबको चौंका दिया था। इस रिपोर्ट में खुलेआम भारत के शीर्ष अधिकारियों का नाम लिया गया था। ऐसे में अमेरिका में सेवा दे चुके कई भारतीय राजनयिकों का मानना है कि इस अप्रमाणित और भ्रामक रिपोर्ट छापने के पीछे अमेरिकी विदेश विभाग की भूमिका हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि अमेरिकी विदेश विभाग का एक वर्ग भारत के साथ नजदीकियों से नाखुश है। ऐसे में वह फर्जी, मनगढंत और भ्रामक रिपोर्ट के जरिए दोनों देशों के बीच माहौल को खराब करना चाहता है।

भारत के खिलाफ चाल चल रहा है अमेरिका

स्ट्रैट न्यूज ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पूर्व रॉ प्रमुख सामंत गोयल का नाम उछालना एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है। इससे वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट को और अधिक विश्वसनीयता प्रदान करना है। लेकिन ये आवश्यक रूप से रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान द्वारा साझा नहीं किए जाते हैं जो भारत को चीन के खिलाफ एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में देखते हैं। इन रिपोर्टों पर व्हाइट हाउस भी ध्यान नहीं दे रहा है।

खालिस्तानियों को भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा अमेरिका

रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां तक खालिस्तान का सवाल है, भारत के पूर्व आतंकवादियों के एक वर्ग का मानना है कि “यह एक उपद्रव है, खतरा नहीं। पंजाब में इसकी कोई गूंज नहीं है। जहां तक एंग्लो-सैक्सन (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा आदि) का सवाल है, खालिस्तान हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला एक उपकरण है। भारत में इस साल चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी विदेश विभाग का यह धड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने के लिए ऐसे तुक्कों को आजमा रहा है। हालांकि, भारत के चुनावों में अमेरिकी विदेश विभाग की इन बदमाशियों का कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है।
https://navbharattimes.indiatimes.com/dmp_orion.cms?msid=109758004&sec=america&secmsid=2303165&wapCode=nbt&apikey=nbtweba5ec97054033e061&xpHostID=374&isAmp=false

भारत को उकसाना है मकसद

रिपोर्ट में एक पूर्व वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने कहा, “उन्हें लगता है कि वे हमें जानते हैं, और खालिस्तानी जैसे बटन दबाने से भारत उनके हितों के लिए मददगार तरीके से प्रतिक्रिया करेगा या जवाब देगा।” वास्तव में उन्हें क्या हासिल होने की उम्मीद है यह स्पष्ट नहीं है। शायद किसी प्रकार की स्वीकारोक्ति जो भारत द्वारा खालिस्तानी अलगाववादियों को निशाना बनाने, भारत द्वारा यूक्रेन पर रूस के खिलाफ उनके साथ खड़े होने, या अधिक अमेरिकी सैन्य हार्डवेयर खरीदने के उनके दावों की पुष्टि करेगी।

अब ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भी खोला मोर्चा

यहां तक कि भारत को बदनाम करने में आस्ट्रेलियाई मीडिया भी शामिल हो गया है, जिस पर अमेरिका का बहुत ज्यादा प्रभाव माना जाता है। हालांकि, भारत के खिलाफ कोई भी बयानबाजी में ऑस्ट्रेलिया बहुत अधिक सावधानी बरत रहा है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में इन दिनों तीन साल पहले दो अज्ञात विदेशी खुफिया एजेंटों के निष्काषसन की चर्चा हो रही है। कुछ लोगों का दावा है कि निष्कासित किए गए लोग भारतीय थे। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

CommentLuv badge

Topics

Google News
error: Content is protected !!