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अब कॉलेजों में छात्रों को मिलेगी अग्निवीर की ट्रेनिंग, सेना भर्ती के लिए राज्य सरकार की पहल ; क्या राजस्थान सरकार भी लाएगी ये योजना ! पढ़े ख़बर

अब कॉलेजों में छात्रों को मिलेगी अग्निवीर की ट्रेनिंग, सेना भर्ती के लिए राज्य सरकार की पहल

Agniveer Recruitment Training: अग्निवीर भर्ती के लिए ट्रेनिंग अब कॉलेजों में भी दी जाएगी। कॉलेज स्टूडेंट्स को अग्निपथ स्कीम और अग्निवीर योजना के बारे में बताने, सेना में भर्ती की प्रक्रिया समझाने और इसके लिए तैयार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने नई पहल की है। दिशानिर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

 

Training for Agniveer Bharti: क्या आप जानते हैं कि अग्निवीर योजना क्या है? आप कैसे इसका फायदा ले सकते हैं? सेना में अग्निवीर भर्ती की प्रक्रिया क्या है? अग्निवीर कौन बन सकता है? आप कैसे अग्निवीर बन सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब आपका भविष्य संवार सकते हैं। आपके करियर को नई दिशा दे सकते हैं। क्योंकि ज्यादातर छात्रों को इस बारे में पता ही नहीं है। इसलिए ऐसे युवाओं के फायदे के लिए सरकार ने एक नई शुरुआत की है। कॉलेजों में अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए ट्रेनिंग देने का फैसला लिया गया है।

इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश ने एक दिशानिर्देश जारी किया है। इसमें पहले तो Agniveer Yojana के बारे में बताते हुए लिखा है कि इसकी शुरुआत केंद्र सरकार ने इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में सैनिकों की भर्ती के लिए 16 जून 2022 को की थी। जो युवा कम समय के लिए आर्म्ड फोर्सेस में जाना चाहते हैं, ये उनके लिए बेहतरीन अवसर है।

एमपी के कॉलेजों में अग्निवीर प्रशिक्षण का निर्देश

  • कॉलेजों में कार्यरत टीपीओ, खेल अधिकारी, एनसीसी अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से अग्निवीर योजना के लिए चिन्हित विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाए।
  • कॉलेज लेवल पर इच्छुक विद्यार्थी जो अग्निवीर भर्ती के लिए फिजिकल पैरामीटर पूरा करते हैं, इनकी सूची तैयार की जाए।
  • इच्छुक विद्यार्थियों को अग्निवीर योजना के बारे में सलाह दी जाए।
  • योजना के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर छात्रों को इसके बारे में अवगत कराया जाए।

अग्निवीर की सैलरी

अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती मेरिट के आधार पर 4 साल के लिए होती है। आगे इनमें से 25 फीसदी सैनिकों को कुशलता के आधार पर स्थाई किया जाता है। इन्हें शुरुआत में 30 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाता है। फिर चौथे साल तक ये रकम 40 हजार हो जाती है। 4 साल बाद सेवा से बाहर होने के बाद उन्हें सेवा निधी के तहत करीब 10.04 लाख रुपये ब्याज के साथ दिए जाएंगे।

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