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खुदाई में मिले 3 ग्रेनेड बम:महिला ने पिन निकालने की कोशिश की, हो सकता था ब्लास्ट; अब डिस्पोज किए जाएंगे

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खुदाई में मिले 3 ग्रेनेड बम:महिला ने पिन निकालने की कोशिश की, हो सकता था ब्लास्ट; अब डिस्पोज किए जाएंगे

भीलवाड़ा के शाहपुरा में तालाब की खुदाई कर रही महिलाओं के हाथ में तीन हैंड ग्रेनेड लग गए। यह ग्रेनेड उन्हें एक प्लास्टिक के बैग में रखे मिले। गोलों के साथ पिन अटैच थी। महिलाओं को समझ नहीं आया कि यह क्या है? उन्होंने हैंड ग्रेनेड की पिन खींचने की कोशिश की, गनीमत रही कि यह पिन नहीं निकली, वरना ब्लास्ट होता और बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में महिलाओं ने जब अन्य लोगों को जानकारी दी तो उन्हें बताया गया कि यह हथगोले हैं।

मामला शाहपुरा (भीलवाड़ा) में शाहपुरा थाना इलाके में आसींद रोड पर तालाब की मनरेगा साइट का है। घटना शनिवार दोपहर 11.30 बजे हुई। यहां लगभग 20 श्रमिक महिलाएं तालाब की खुदाई का काम कर रहीं थी। इस दौरान एक महिला को प्लास्टिक बैग में हैंड ग्रेनेड मिला तो उसने पिन खींचने की कोशिश की, लेकिन हथगोलों पर जंग लगी हुई थी। उनके साथ काम कर रहे अनिल कुमार रैगर ने महिलाओं को हैंड ग्रेनेड के बारे में बताया तो मनरेगा साइट पर हड़कंप मच गया।

तालाब की खुदाई के दौरान इसी जगह हैंड ग्रेनेड मिले थे। पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

तालाब की खुदाई के दौरान इसी जगह हैंड ग्रेनेड मिले थे। पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

इसके बाद ने नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता कुलदीप जैन को जानकारी दी। कुलदीप जैन ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर शाहपुरा थाना से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हैंड ग्रेनेड देख FSL टीम को बुलाया।

एएसपी चंचल मिश्रा की निगरानी में हैंड ग्रेनेड को तालाब से दूर रखवाए गए और मिट्‌टी के कट्‌टों से कवर किया गया।

एएसपी चंचल मिश्रा की निगरानी में हैंड ग्रेनेड को तालाब से दूर रखवाए गए और मिट्‌टी के कट्‌टों से कवर किया गया।

एसएचओ प्रभाती लाल ने बताया- जेसीबी मंगा कर आस-पास के हिस्से की खुदाई करवाई गई है। एक अन्य कट्‌टा भी मिला, लेकिन उसमें बम जैसी कोई वस्तु नहीं थी। खुदाई के दौरान मिली तीनों चीजें हैंड ग्रेनेड ही हैं। फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं। हैंड ग्रेनेड को निष्क्रिय करने के लिए बम डिस्पोजल स्क्वायड टीम को जयपुर से बुलाया गया है।

नगर परिषद सभापति रघुनंदन सोनी ने बताया- हैंड ग्रेनेड खुदाई के दौरान करीब 3 फीट गहराई में कट्टे में लिपटे थे। इन्हें पुलिस सुरक्षा में मनरेगा साइट से दूर रखवाया गया। नदी में बारिश के दौरान डूब क्षेत्र का पानी भर जाता है। पानी में डूबे रहने के कारण ग्रेनेड पर जंग लग गया है। एक ग्रेनेड की पिन भी बिल्कुल गल चुकी है। जिला पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता भी मौके पर पहुंचा।

जेसीबी बुलाकर खुदाई कराई गई लेकिन कोई अन्य संदेहास्पद वस्तु नहीं मिली।

जेसीबी बुलाकर खुदाई कराई गई लेकिन कोई अन्य संदेहास्पद वस्तु नहीं मिली।

तालाब में हैंड ग्रेनेड कहां से आए, ये सवाल
आसींद रोड पर तालाब में हैंड ग्रेनेड कहां से आए? ये हैंड ग्रेनेड तालाब में कितने समय से थे? इन्हें यहां किसने फेंका? क्या इन्हें चुराया गया या फिर ये गलती से यहां आ गए? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। यहां से 90 किलोमीटर दूर नसीराबाद सैनिक छावनी है। छावनी यहां पर ब्रिटिश काल से है।

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