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शुक्र ग्रह अस्त होने से क्या रहेगा राशियों पर प्रभाव, पढ़ें…..

ज्योतिषाचार्य मोहित बिस्सा

_वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भोग, विलासिता और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है और आज 28 अप्रैल 2024 की सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर मेष राशि में अस्त होने जा रहे हैं। शुक्र की अस्त अवस्था सभी राशियों के जीवन को कैसे प्रभावित करेगी, साथ में उनका हम उन सरल उपायों को भी देखेंगे जिनकी मदद से आप शुक्र अस्त के प्रभावों को कम कर सकते हैं।
मेष राशि:-

  • मेष राशि के जो जातक व्यापार करते हैं, उन्हें बिज़नेस में पार्टनर के साथ कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यह व्यापार में अच्छा खासा लाभ कमाने में सक्षम होंगे। लेकिन, कारोबार के क्षेत्र में आप लक्ष्यों को हासिल करने में पीछे रह सकते हैं।आर्थिक जीवन के लिहाज़ से, यह जातक विदेशी स्रोतों के माध्यम से अच्छा पैसा कमाते हुए दिखाई देंगे। साथ ही, इंसेंटिव और अन्य लाभ मिलने की भी संभावना है। लेकिन, इस दौरान आप जो भी पैसा कमाएंगे उसे अपने पास रखने में नाकाम रह सकते हैं।_*

उपाय:-

  • शुक्र ग्रह के लिए शुक्रवार के दिन यज्ञ/हवन करें।

वृषभ राशि

  • वृषभ राशि चक्र की दूसरी राशि है और यह पृथ्वी तत्व की राशि है जो स्वभाव से स्त्री है। वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र महाराज आपके पहले और छठे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके बारहवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं। शुक्र मेष राशि में अस्त होने से आपको पैतृक संपत्ति, शेयर और लोन आदि के माध्यम से अप्रत्याशित रूप से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। करियर की बात करें तो, इन लोगों को नौकरी में अपने वरिष्ठों के साथ रिश्ते में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आप जो भी काम करेंगे, उसमें अड़चनें पैदा हो सकती हैं। शुक्र की अस्त अवस्था के दौरान आपको सामान्य कामों में भी बाधाओं से जूझना पड सकता है। जिन जातकों का अपना व्यापार है, उन्हें बिज़नेस का विस्तार करने में मुश्किलों का अनुभव हो सकता है। आशंका है कि इन लोगों को व्यापार के क्षेत्र में मनचाहा लाभ न मिले और ऐसे में, आपके लिए न लाभ न हानि की स्थिति बन सकती है।

उपाय: प्रतिदिन 24 बार “ॐ भार्गवाय नमः” का जाप करें

मिथुन राशि

  • मिथुन वायु तत्व की राशि है और इस राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके ग्यारहवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं। करियर के लिहाज़ से, शुक्र मेष राशि में अस्त के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों से बेहतरीन काम के लिए सराहना की प्राप्ति होगी। नौकरी में आपके शानदार प्रदर्शन की सब तारीफ़ करेंगे और इसके परिणामस्वरूप, आपको इंसेंटिव और दूसरे लाभ प्राप्त होने के योग बनेंगे। इस अवधि में इन जातकों के काम के सिलसिले में विदेश जाने के योग बनेंगे। अगर आपका खुद का व्यापार है, तो यह समय अच्छा लाभ कमाने और बिज़नेस का विस्तार करने के लिए अनुकूल कहा जाएगा। साथ ही, आप व्यापार में पार्टनर के साथ रिश्ते को अच्छा बनाए रखने में सफल रहेंगे और पार्टनरशिप में उच्च मूल्य भी स्थापित कर सकेंगे। आप अपनी बुद्धि के दम पर कारोबार को बढ़ाने में कामयाब रहेंगे। जब बात आती है आर्थिक जीवन की, तो मिथुन राशि वाले शुक्र की अस्त अवस्था की अवधि में पैसा कमाने के साथ-साथ पैसों की बचत भी कर सकेंगे। यह अवधि धन कमाने और पैसे बचाने की दृष्टि से श्रेष्ठ रहेगी।

उपाय: प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें

कर्क राशि

  • कर्क राशि जल तत्व की राशि है और इस राशि वालों के लिए शुक्र महाराज आपके चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके दसवें भाव में अस्त हो रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप, इन लोगों की सुख-सुविधाओं में कमी आने के संकेत है। साथ ही, आपको तनाव भी झेलना पड़ सकता है। आपको धन बहुत सोच-समझकर ख़र्च करना होगा। करियर की बात करें तो, शुक्र मेष राशि में अस्त की अवधि नौकरी करने वाले जातकों के लिए अच्छी नहीं कही सकती है क्योंकि आपको कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, आप अपने वरिष्ठों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहेंगे और इसके लिए आप ख़ूब मेहनत भी करेंगे। लेकिन, फिर भी आशंका है कि आपकी मेहनत को सराहा नहीं जाएगा जिसकी वजह से आप प्रमोशन और अन्य लाभ प्राप्त करने में पीछे रह सकते हैं। ऐसे में, आप आप निराश नज़र आ सकते हैं।
    _उपाय: शनिवार के दिन कौओं को भोजन खिलाएं।

सिंह राशि

  • राशि चक्र की पांचवीं राशि सिंह उग्र स्वभाव की राशि है। शुक्र महाराज को सिंह राशि वालों की कुंडली में आपके तीसरे और दसवें भाव पर आधिपत्य प्राप्त हैं जो अब आपके नौवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं। शुक्र मेष राशि में अस्त होने की वजह से आप संतान के विकास को लेकर चिंतित नज़र आ सकते हैं।करियर की दृष्टि से, सिंह राशि वालों को काम के सिलसिले में कुछ बेकार की यात्राओं पर जाना पड़ सकता है या फिर आपका स्थानांतरण होने की संभावना है। हालांकि, इन दोनों ही स्थितियों में आप अपने लक्ष्यों को पूरा करने में असफल रह सकते हैं। इस दौरान आप जो भी मेहनत करेंगे, उसके लिए आपको सराहना न मिलने की आशंका है और यह बात आपके लिए चिंता का सबब बन सकती है।

उपाय: दुर्गा चालीसा का पाठ करें

कन्या राशि

  • कन्या पृथ्वीतत्व की राशि है और इस राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके आठवें भाव में अस्त हो जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र मेष राशि में अस्त के दौरान आप जो भी प्रयास करेंगे, उसमें आपको अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। साथ ही, आपको नए-नए दोस्त बनाने और नए लोगों से मिलने का अवसर मिलेगा। करियर के क्षेत्र में आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। ऐसे में, आप जो भी काम करेंगे, उसमें आप सराहना पाने में सक्षम होंगे। साथ ही, इन जातकों को पदोन्नति मिलने के नए अवसर प्राप्त होंगे और आपको हर कदम पर अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों का साथ मिलेगा। जिन जातकों का अपना व्यापार है, वह अच्छा लाभ कमाने में सक्षम होंगे और आप उसे बचाने में सफल रहेंगे।आर्थिक जीवन की बात करें, तो शुक्र की अस्त अवस्था की अवधि में आप अच्छा धन कमाने और उसकी बचत करने में कामयाब रहेंगे। साथ ही, आपको अपने शानदार काम की वजह से बोनस और अन्य लाभ प्राप्त होने की संभावना है।

उपाय: प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

तुला राशि

  • गुरु महादशा वहचक्र की सातवीं राशि तुला है जो जल तत्व और पुरुष स्वभाव की राशि है। तुला राशि वालों की कुंडली में शुक्र पहले और आठवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके सातवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र मेष राशि में अस्त होने पर कामों के सकारात्मक परिणाम आपको उतनी आसानी से नहीं मिल सकेंगे जितना आपने सोचा था। साथ ही, इन जातकों के दोस्त और सहकर्मियों आपको टक्कर देने का काम कर सकते हैं जो कि आपकी पीठ पीछे हो सकता है। करियर की दृष्टि से, तुला राशि वालों पर नौकरी का दबाव ज्यादा हो सकता है और यह आपके लिए चिंता की वजह बन सकता है। ऐसे में, आप नौकरी में बदलाव या विदेश में नौकरी करने का मन बना सकते हैं और इस तरह के अवसरों की तलाश में नज़र आ सकते हैं।आशंका है कि कार्यस्थल पर आपको वरिष्ठों के साथ रिश्ते में समस्याओं का सामना करना पड़ें और इस बात का असर आपके पेशेवर जीवन पर दिखाई दे सकता है।

उपाय: मंगलवार और शुक्रवार के दिन मंदिर में देवी दुर्गा की उपासना करें।

वृश्चिक राशि

  • वृश्चिक राशि जल तत्व की राशि है जो कि स्वभाव से स्त्री है। शुक्र महाराज वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। अब शुक्र मेष राशि में अस्त आपके छठे भाव में हो रहे हैं और ऐसे में, आपके लिए अनुकूल परिणाम प्राप्त करना थोड़ा मुश्किल रह सकता है। इस वजह से आप असंतुष्ट नज़र आ सकते हैं।करियर की बात करें, तो नौकरी करने वाले जातक शुक्र की अस्त अवस्था की अवधि में अपना काम समय पर पूरा करने में नाकाम रह सकते हैं और यह बात आपको परेशान कर सकती है। साथ ही, ऑफिस में भी वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ आपको रिश्ते में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता हैं। संभव है कि आप पर पहले से काम का दबाव अधिक हो और काम में की गई कड़ी मेहनत के लिए आपको सराहना न मिले।प्रेम जीवन के लिहाज़ से, इन जातकों को अपने रिश्ते में पार्टनर के साथ आपसी तालमेल का अभाव नज़र आ सकता है क्योंकि आप दोनों के बीच अहंकार से जुड़ी समस्याओं की वजह से बहस या मतभेद हो सकते हैं। स्वास्थ्य की बात करें, तो इन जातकों को शुक्र मेष राशि में अस्त के दौरान कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। लेकिन, आंखों से जुड़े रोग घेर सकते हैं।_*

उपाय: रोज़ाना सौंदर्य लहरी का पाठ करें।

धनु राशि

  • राशि चक्र की नौवीं राशि धनु है जो मर्दाना स्वभाव और जल तत्व की राशि है। कुंडली में धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके पांचवें भाव में अस्त हो रहे हैं। शुक्र मेष राशि में अस्त आपके पांचवें भाव में होने की वजह से आपको एलर्जी और सर्दी से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।करियर की बात करें तो, कार्यक्षेत्र में आप पर काम का दबाव थोड़ा अधिक हो सकता है जिसमें आप अपना ज्यादाता समय और ऊर्जा देते हुए नज़र आएंगे। साथ ही, अधिकारियों के साथ भी आपके संबंधों पर असर पड़ सकता है। इस अवधि में आप चाहे जितनी भी कड़ी मेहनत करें, लेकिन इसके बावजूद भी आपको सराहना न मिलने की संभावना है। अगर आप व्यापार करते हैं, तो बिज़नेस को सही तरीके से चलाने के लिए आपको अच्छी योजना का निर्माण करना होगा और उसी पर चलना होगा। साथ ही, बिज़नेस पार्टनर के साथ भी आपके मतभेद होने की आशंका है जिसके चलते आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप व्यापार के संबंध में निवेश जैसा कोई बड़ा फैसला लेने की सोच रहे हैं, तो आपको इससे फिलहाल टालने की सलाह दी जाती है।आर्थिक दृष्टि से, शुक्र मेष राशि में अस्त के दौरान आपके खर्चे बढ़ सकते हैं जिसकी वजह आप पर जिम्मेदारियों का अधिक होना हो सकता है। ऐसे में, धन की बचत करने में भी आप असफल रह सकते हैं। इन लोगों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज़ या धन उधार लेने की नौबत आ सकती है।

उपाय: किसी मंदिर में भगवान शिव को दूध अर्पित करें।_*

मकर राशि

  • राशि चक्र की दसवीं राशि मकर है जो कि स्वभाव से स्त्री और पृथ्वी तत्व की राशि है। मकर राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके चौथे भाव में अस्त होने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और ऐसे में, आप संतुष्ट व खुश दिखाई देंगे।हालांकि, शुक्र अस्त के दौरान आप कोई बड़ा फैसला लेने के बारे में सोच-विचार करने में व्यस्त दिखाई देंगे। आपके भीतर रचनात्मकता में वृद्धि होगी और ऐसे में, आप इन रुचियों का उपयोग करके अपनी क्षमताओं का विस्तार कर सकेंगे। दूसरी तरफ, आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि जैसे आप हार रहे हों। मकर राशि के जातकों की स्थिति पेशेवर जीवन में अच्छी रहेगी जिसकी वजह से आपका काम में प्रदर्शन शानदार रहेगा और काम के प्रति आपका समर्पण देखकर कार्यक्षेत्र में आप प्रशंसा प्राप्त करेंगे। ऑफिस में आपके बेहतरीन काम के लिए आपको सराहना भी मिलेगी।जो जातक व्यापार करते हैं, उन्हें बिज़नेस पार्टनर की तरफ से कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इन बाधाओं के बावजूद आप अच्छा लाभ कमाने में सक्षम होंगे। लेकिन, शुक्र अस्त के दौरान बीच-बीच में व्यापार में परेशानियां बनी रह सकती हैं, परंतु अपनी बुद्धि के बल पर आप मुनाफा कमाने में सफल रहेंगे।

उपाय: विवाहित महिलाएं 6 शुक्रवार तक दही चावल का दान करें।_*

कुंभ राशि

  • कुंभ राशि जल तत्व की राशि है जो कि स्वभाव से स्त्री है। कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र चौथे और नौवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके तीसरे भाव में अस्त होने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप, इन जातकों को प्रगति और काम में किये जा रहे प्रयासों के मार्ग में समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। साथ ही, आपका किसी अनजान जगह पर स्थानांतरण होने की भी संभावना है जो कि आपके लिए परेशानी की वजह बन सकता है। कुंभ राशि के जातकों की अपने भाई-बहनों के साथ बहस या मतभेद हो सकते हैं और शुक्र अस्त की अवधि में इसके बढ़ने के आसार है जिससे घर-परिवार में प्रेम की कमी नज़र आ सकती है।जब बात आती है करियर की, तो शुक्र की अस्त अवस्था आपको नौकरी में नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। ऐसे में, आपको अपना काम समय पर और सही तरीके से पूरा करने के प्रति बेहद सावधान रहना होगा। यदि आप बेहतरीन काम करते हुए अच्छी सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको योजना बनाकर चलने की सलाह दी जाती है।जिन जातकों का अपना व्यापार है, उन्हें इस अवधि में औसत रूप से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। लेकिन, कभी-कभार आपको हानि भी उठानी पड़ सकती है

उपाय: प्रतिदिन देवी लक्ष्मी की पूजा करें और उनके सामने घी का दीपक जलाएं।_*

मीन राशि

  • राशि चक्र की बारहवीं राशि है मीन जो जल तत्व और पुरुष स्वभाव की राशि है। मीन राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र देव तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं तथा अब यह आपके दूसरे भाव में अस्त हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र मेष राशि में अस्त के दौरान आपको कार्यों को पूरा करने की राह में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, आपके जीवन में खुशियां का अभाव रह सकता है।करियर की बात करें, तो इन जातकों को कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जो आपके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना सकते हैं, विशेष रूप से आपको आपकी कड़ी मेहनत की सराहना देने के मामले में। आप सफलता प्राप्ति और अपने जीवन की बेहतरी के लिए नौकरी के अच्छे अवसरों की तलाश में नज़र आ सकते हैं।जो जातक व्यापार करते हैं, उन्हें हानि होने की संभावना है। शुक्र अस्त के दौरान इन जातकों के बिज़नेस के विस्तार का दायरा सीमित रह सकता है। साथ ही, आपको ज्यादा लाभ कमाने की राह में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।आर्थिक जीवन की बात करें तो, शुक्र मेष राशि में अस्त की अवधि में आपके खर्चे आय से अधिक हो सकते हैं। साथ ही, धन कमाने के लिए जो भी आप प्रयास करेंगे, उसके परिणाम मिलने में देरी होने की आशंका है। इस अवधि में आपको अचानक से धन हानि हो सकती है जिससे आप निराश महसूस कर सकते हैं।_

उपाय: प्रतिदिन देवी दुर्गा और माता लक्ष्मी की पूजा करें।

ज्योतिषाचार्य मोहित बिस्सा

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