विप्र फाउंडेशन मजदूर प्रकोष्ठ के शिष्टमंडल ने निर्माण श्रमिकों का 11 सूत्रीय मांग पत्र संभागीय आयुक्त नीरज के.पवन को सौंपा

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare


विप्र फाउंडेशन मजदूर प्रकोष्ठ का शिष्टमंडल ने निर्माण श्रमिकों की 11 सुत्रीय मांग पत्र संभागीय आयुक्त नीरज के.पवन को सौंपा।
बीकानेर 20 सितंबर। विप्र फाउंडेशन सामजिक समरसता मजदूर प्रकोष्ठ जॉन 1बी राजस्थान ईकाई ने संभागीय आयुक्त को निर्माण श्रमिकों की समस्याओं का मांग पत्र प्रेषित कर समस्याओं से अवगत करवाया।
विफा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी रमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि मजदूर प्रकोष्ठ का शिष्टमंडल असंगठित मजदूरों की समस्याओं का 11 सुत्री मांग-पत्र प्रदेश संयोजक भंवर पुरोहित व प्रदेशाध्यक्ष आर.एस.हर्ष के नेतृत्व में संभागीय आयुक्त नीरज के पवन से भेंटवार्ता की।
प्रदेश संयोजक भंवर पुरोहित ने वार्ता में कहा कि जिला कलक्टर द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच कमेटी ने वास्तविक निर्माण श्रमिकों को अयोग्य ठहराया जिसके चलते 2016 से अपनी हितलाभ की राशि को प्राप्त करने के लिए आश लगाये बैठा था उसके साथ घोर अन्याय हुआ इसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जब तक विभाग निर्माण श्रमिकों के योजना आवेदनों का क्रॉस वेरिफिकेशन नहीं करेगा तब तक संगठन शांत नहीं बैठेगा।
प्रदेशाध्यक्ष आर.एस.हर्ष ने अपने वक्तव्य में बताया कि श्रम विभाग को योजना, पंजीयन व रिन्यूअल आवदेनों में अपील लगाने की समय सीमा को समाप्त किया जाये जिससे श्रमिकों को फायदा मिल सके।
प्रदेश महामंत्री जगदीश शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा आवेदित फाइलों को ऑटो रिजेक्ट किया जा रहा जिसे तुरंत प्रभाव से बंद करना चाहिए।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष नमामी शंकर व्यास ने मांग उठाते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष से शुभ शक्ति के आवेदन विभाग ने पॉर्टल पर बंद कर रखा जिसे पुनः शुरू किया जाये।
उपस्थित शिष्टमंडल ने अनेकों मांगे संभागीय आयुक्त के समक्ष रखते हुए कहा कि अति शीघ्र इन मांगो निस्तारण किया जाये।
इस मौके पर प्रदेश सचिव उम्मेद सिंह भाटी,राजू गहलोत,जिला उपाध्यक्ष कैलाश सारस्वत सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संभागीय आयुक्त इन 11 सुत्री मांगपत्र पर संज्ञान लेते हुए संयुक्त श्रम आयुक्त बीकानेर को अवगत करवाया तथा श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों के साथ अतिशीघ्र वार्ता की तारीख तय करके प्रेषित की जायेगी।जिससे इस संदर्भ में जुडी मांगो का निस्तारण समय पर हो सके।

Categories:
error: Content is protected !!