शिक्षाविद् गिरिराज खैरीवाल एवं ज्योति शर्मा सहित 10 शख्सियतों को “परशुवंश गौरव” अवार्ड से किया अलंकृत

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10 पुरोधाओं को मिला परशुवंश रत्न सम्मान

पुष्कर में हुआ भव्य सम्मान

बीकानेर। अखिल राजस्थान परशुवंशीय आदिगौड़ ब्राह्मण महासभा, पुष्कर द्वारा आयोजित वार्षिक अधिवेशन एवं परशुराम जयंती समारोह में बीकानेर के शिक्षाविद्, पत्रकार और समाजसेवी गिरिराज खैरीवाल को “परशुवंश गौरव” सम्मान से अलंकृत किया है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पुष्कर स्थित महासभा भवन में आयोजित इस गरिमामय समारोह में समाज के सैंकड़ों प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया।शिक्षा, पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए खैरीवाल को यह सम्मान दिया गया है। महासभा के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश मिश्र, सचिव राज नारायण तिवारी एवं अन्य पदाधिकारियों ने खैरीवाल को सम्मान स्वरूप साफा, माला, प्रशस्ति पत्र, सम्मान प्रतीक एवं परशुराम पट्टिका भेंट करते हुए खैरीवाल के योगदान को रेखांकित किया। श्री खैरीवाल ने शिक्षा, पत्रकारिता और संस्कृति संरक्षण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट कार्यशैली से समाज का मान – सम्मान बढ़ाया है। वे वर्तमान पीढ़ी और युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में उभरे हैं। प्राईवेट स्कूल्स के अधिकारों के संरक्षण और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए उनका दीर्घकालीन संघर्ष सराहनीय है। वे लंबे समय से प्राइवेट स्कूल्स के उन्नयन और सामाजिक न्याय की आवाज़ बुलंद करने के लिए जाने जाते हैं। उल्लेखनीय है कि गिरिराज खैरीवाल को पूर्व में भी उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित पुरस्कारों व सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

विभिन्न क्षेत्रों में समाज का परचम फहराने वाले शख्सियतों को दिए गए परशुवंश गौरव अवार्ड

महासभा के सचिव राज नारायण तिवारी ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली 20 शख्सियतों को महासभा द्वारा प्रतिवर्ष परशुराम जयंती के अवसर पर सम्मानित किया जाता है। 10 विशिष्ट जनों को को परशुवंश गौरव एवं 10 पुरोधाओं को परशुवंश रत्न सम्मान से अलंकृत किया जाता है। उन्होंने बताया कि खैरीवाल के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ज्योति शर्मा (मारवाड़ मूंडवा) को भी इस विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया है। डॉ. गोपीकिशन शर्मा (मूंडवा), दिनेश मिश्र (मूंडवा) एवं राजेश कौशिक (जोधपुर) को चिकित्सा तथा तरुण गौड़ (बीकानेर) को संगीत एवं साहित्य के क्षेत्र में सम्मानित किया गया। आईटी व हस्तशिल्प के क्षेत्र में गिर्राज शर्मा (सांगानेर) एवं श्यामा शर्मा (जयपुर) तथा समाज सेवा हेतु लूणाराम पालीवाल (अनूपगढ) एवं बसन्ती देवी (सवाई बड़ी) को परशुवंश गौरव अवार्ड देकर उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को सम्मानित किया गया है।

समाज के 10 विशिष्ट पुरोधाओं को परशुवंश रत्न अवार्ड से नवाजा

महासभा के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश मिश्र ने बताया कि इस मौके पर समाज के उन 10 पुरोधाओं को “परशुवंश रत्न” सम्मान से सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी विशिष्ट सेवाओं से समाज का मान बढ़ाया है। स्व. गीता देवी (कुचामन), स्व. मिश्री लाल तिवारी (श्री बालाजी) एवं स्व. रामलाल शर्मा (सरदारशहर) को मरणोपरांत परशुवंश रत्न अवार्ड समर्पित किया गया। ओमप्रकाश तिवारी (मुगदड़ा), नथमल दायमा (खामियाद), मालदास कुलीचवाल (लालगढ़), जगदीश प्रसाद खेड़वाल (सरदारशहर), मोहनलाल रोहितवाल (चूरू), रामचंद्र शर्मा (रोल) एवं मुरली मनोहर तिवारी (डांगावास) को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए परशुवंश रत्न अवार्ड से नवाजा गया है।

130 से अधिक प्रतिभाओं को मिले पुरस्कार
भामाशाहों, सहयोगियों, प्रायोजकों एवं कार्यकताओं का भी हुआ सम्मान

समारोह के दौरान शिक्षा, खेल और तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 130 से अधिक प्रतिभाओं को नकद राशि, प्रमाण पत्र और भगवान परशुराम की फ्रेम्ड फोटो देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही समाज के भामाशाहाओं, प्रायोजकों, सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं का भी साफा एवं परशुराम पट्टिका पहनाकर अभिनंदन किया गया।

“शिक्षा, पत्रकारिता एवं समाज के प्रति गिरिराज खैरीवाल का अटूट समर्पण और उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए महासभा ने उनको इस गौरवशाली सम्मान से सम्मानित किया है।
प्रेम प्रकाश मिश्र (अध्यक्ष)

          
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