बीकानेर। जोधपुर के होटल ताज हरि महल में आयोजित इंटरनेशनल कार्टिलेज सोसायटी (ICRS) कॉन्फ्रेंस में कार्टिलेज रिपेयर की नवीनतम तकनीकों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में पीबीएम हॉस्पिटल, बीकानेर के ट्रॉमा सेंटर में बन रहे OBRC (ऑर्थोबायोलॉजिक्स रिसर्च सेंटर) को लेकर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार यह सेंटर पश्चिमी राजस्थान में कार्टिलेज पुनर्निर्माण और जॉइंट प्रिजर्वेशन के लिए समर्पित सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के मरीजों को कार्टिलेज संबंधी उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कॉन्फ्रेंस में BMAC (बोन मैरो एस्पिरेट कंसंट्रेट) प्रक्रिया चर्चा का प्रमुख विषय रही। यह तकनीक मरीज के अपने अस्थि मज्जा से प्राप्त कोशिकाओं के उपयोग के माध्यम से कम समय, कम खर्च और अपेक्षाकृत सुरक्षित तरीके से कार्टिलेज रिपेयर में मददगार बताई गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि घुटने और टखने के कार्टिलेज डिफेक्ट में स्कैफोल्ड आधारित तकनीक के साथ ऑर्थोबायोलॉजिक्स का उपयोग भविष्य में जॉइंट रिप्लेसमेंट की आवश्यकता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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