नए कानून के पहले ही दिन दस मामले दर्ज:भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनयम के तहत एफआईआर

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

नए कानून के पहले ही दिन दस मामले दर्ज:भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनयम के तहत एफआईआर

बीकानेर

देश में एक जुलाई से लागू नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनयम के तहत पहले ही दिन दस मामले बीकानेर के अलग-अलग थानों में दर्ज कराए गए। इन मामलों में मारपीट के मामले अब भारतीय दंड संहिता के बजाय भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किए गए हैं।

सदर थाने में नए कानून के तहत पहला मामला दिलीप सुथार ने दर्ज करवाया है, जिसने आरोप लगाया है कि बरकत और इरफान ने बस में सवारी नहीं बैठने दी। बस चालक के साथ सवारी को लेकर मारपीट की गई। गाली गलौच कर सरकारी टिकट मशीन को भी तोड़ दिया। इस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 (2), 1321(1) (2), 132, 307, 351 (1) के तहत मामला दर्ज कराया गया। इसी मामले में नयाशहर थाने में इरफान ने दिलीप सुथार पर एफआईआर दर्ज करवाई है। जिसमें इरफान का आरोप है कि दिलीप सुथार ने उसके साथ मारपीट की, 2200 रुपए और सोने की चैन छीन ली। वहीं कुछ अन्य मामले में भी भारतीय दंड संहिता में दर्ज किए गए हैं। जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के मामले भी दर्ज हुए हैं।

पुराने मामले, पुराने कानून में

वहीं जो घटनाएं तीस जून तक हुई है, उन्हें पुराने कानून के तहत ही दर्ज किया गया है। अदालत में भी ये मामले पुराने कानून के तहत ही सुनवाई में आएंगे। इसी कारण सोमवार को कुछ एफआईआर भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी के तहत भी दर्ज हुई है। जो घटनाएं एक जुलाई या इसके बाद की हाेगी, वो ही नए कानून के तहत दर्ज होगी।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!