BUSINESS / SOCIAL WELFARE / PARLIAMENTARY / CONSTITUTIONAL / ADMINISTRATIVE / LEGISLATIVE / CIVIC / MINISTERIAL / POLICY-MAKING / PARTY POLITICAL

शिशु मंदिर में गुरुजी, अब ओडिशा के CM:मोहन माझी राज्य के दूसरे आदिवासी मुख्यमंत्री; केवी सिंहदेव, प्रभाती परीदा डिप्टी CM बनेंगे

TIN NETWORK
TIN NETWORK

शिशु मंदिर में गुरुजी, अब ओडिशा के CM:मोहन माझी राज्य के दूसरे आदिवासी मुख्यमंत्री; केवी सिंहदेव, प्रभाती परीदा डिप्टी CM बनेंगे

भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने CM और डिप्टी CM के नाम का ऐलान किया।

संघ कार्यकर्ता, सरस्वती शिशु मंदिर में गुरुजी, फिर सरपंच और अब ओडिशा के दूसरे आदिवासी मुख्यमंत्री। मोहन चरण माझी ओडिशा के नए CM होंगे। इसके अलावा कनक वर्धन सिंहदेव और प्रभाती परिदा डिप्टी CM होंगे। राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को तीनों के नाम की घोषणा की। शपथ 12 जून को होगा।

मोहन माझी क्योंझर जिले के झोपुड़ा ब्लॉक के रायकोड़ा गांव के रहने वाले हैं। माझी क्योंझर से BJD की वीणा माझी को 11 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। इसके अलावा वे 2019, 2009 और 2000 में भी विधायक रह चुके हैं। 23% आदिवासी आबादी वाले उड़ीसा में माझी भाजपा का स्थानीय बड़ा आदिवासी चेहरा हैं।

माझी उसी समुदाय से आते हैं, जिससे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आती हैं। यानी माझी संथाल आदिवासी समुदाय के हैं। उड़ीसा में मिशनरीज द्वारा आदिवासियों के धर्म परिवर्तन का मुद्दा बहुत बड़ा है। मोहन माझी कन्वर्जन के खिलाफ क्योंझर और मयूरभंज जिले में सबसे बड़ा चेहरा हैं।

ओडिशा के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री हेमानंद बिस्वाल थे। वे कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री भी रहे। बिस्वाल ने 1989 से 1990 और 1999 से 2000 तक दो बार मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। अगस्त 2022 में उनका निधन हो गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में तीनों के नाम की घोषणा की गई।

कनक वर्धन सिंहदेव और प्रभाती परिदा कौन हैं
कनक वर्धन सिंहदेव बोलांगीर जिले के पटनागढ़ से और प्रभाती परिदा पुरी की निमापारा सीट से जीतकर विधायक बनी हैं। सिंहदेव बोलांगीर के राजपरिवार से से हैं। वे नवीन पटनायक सरकार में 2000-2004 तक उद्योग और सार्वजनिक उद्यम, 2004-2009 तक शहरी विकास और सार्वजनिक उद्यम के मंत्री रह चुके हैं। 2013-2016 तक वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

ओडिशा विधानसभा में पहली बार भाजपा को बहुमत
ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार बहुमत के साथ जीत हासिल की है। राज्य की 147 सीटों में से भाजपा को 78 सीटें मिली हैं। वहीं, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) को 51, कांग्रेस को 14, सीपीआईएम को 1 और अन्य को 3 सीटों पर जीत मिली है।

ओडिशा के नए CM पर ₹95 लाख का कर्ज
माई नेता इंफो वेबसाइट के मुताबिक, ओडिशा के नए सीएम मोहन चरण माझी के पास ग्रेजुएट डिग्री है। उन्होंने इलेक्शन कमीशन को दिए हलफनामे में कुल चल-अचल संपत्ति करीब 1.97 करोड़ रूपए बताई है। इसके साथ ही उन्होंने इस हलफनामे में अपनी देनदारियों का खुलासा भी किया और बताया कि उनके ऊपर 95.58 लाख रुपए का कर्ज है।

59 हजार करोड़ के घोटाले का मामला उठाया माझी क्योंझर और मयूरभंज जिले में 59 हजार 203 करोड़ रुपए के लौह और मैंगनीज अयस्क घोटाले में नवीन पटनायक सरकार को घेरने में सबसे आगे रहे। उन्होंने इसकी CBI जांच की भी मांग की। साथ ही रेलवे माल ढुलाई घोटाले और खनन कंपनियों द्वारा उत्पाद शुल्क की चोरी की भी उन्होंने CBI जांच की मांग की। एमबी शाह आयोग ने भी जांच की मांग को सही ठहराया था।

12 जून को भुवनेश्वर में शपथ ग्रहण होगा
ओडिशा में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण 12 जून को भुवनेश्वर के जनता मैदान में शाम 5 बजे होगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे। इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में विधायकों और सांसदों सहित लगभग 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

भुवनेश्वर में आधे दिन की सरकारी छुट्‌टी
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक नए मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 12 जून को दोपहर 1 बजे के बाद भुवनेश्वर में सभी राज्य सरकार के कार्यालय और अदालतों को आधे दिन की छुट्‌टी देने का ऐलान किया है।

भाजपा ने 25 साल का पटनायक राज खत्म किया
नवीन पटनायक ने 5 मार्च 2000 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तब से जून 2024 तक वे 5 बार से ओडिशा के CM रहें। 2009 विधानसभा चुनाव से पहले BJD ने भाजपा से 11 साल पुराना का गठबंधन तोड़ था। 2000 और 2004 में BJD-BJP गठबंधन की सरकार थी। भाजपा ने इस बार 25 साल का पटनायक राज खत्म कर दिया।

BJD-भाजपा ने दो बार गठबंधन में सरकार बनाई थी
भाजपा और BJD ने दो विधानसभा चुनाव (2000 और 2004) गठबंधन में लड़ा था। उस समय BJD, NDA की सबसे भरोसेमंद पार्टी मानी जाती थी। साल 2000 में BJD ने 68 और भाजपा ने 38 सीटें जीती थीं। 147 में से 106 सीटों के साथ दोनों पार्टियों ने पहली बार गठबंधन की सरकार बनाई और कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया। 2004 में भाजपा और BJD ने कुल 93 सीटें जीतीं।

About the author

THE INTERNAL NEWS

Add Comment

Click here to post a comment

error: Content is protected !!